Best 97 gulzar shayari in hindi - Gulzar ki shayari with images

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लोग कहते हैं कि रंग पीला पड़ गया है तुम्हारा,
अब उन्हें क्या खबर की खून चुस्ती है यादे किसी की।

gulzar shayari in hindi


आइना कब तक तोड़ो गे साहब,
मानते क्यू नहीं की धाग चहरे पर ही है।

जुबां तो खोल नजर तो मिला, जवाब तो दे,
मै कितनी बार लुटा हु मुझे हिसाब तो दे।

ऎसा नहीं है कि दिन नहीं गुज़रता या फिर रात नहीं होती,
बस सब कुछ अधूरा सा लगता है जब तुमसे बात नहीं होती

उसके साथ का सफर तो ख़तम हो गया,
बस जिंदगी ख़तम होना बाकी है।

सलीका तुमने पर्दे का बड़ा अनमोल रखा है,
ये निगाहें कातिल है और इन्हे ही खोल रखा है।


Gulzar shayari hindi

मै तो सुकून की तलाश में घर से बाहर निकला था,
और रास्ते में वो मिल गयी।

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नहीं निभाने हो तो रिश्ते मत बनाओ,
आपके समय बिताने के चक्कर मे कोई टूट जाता है।

किसी की बुराई करने मे,
और किसी इंसान का सच बताने मे बहुत फ़र्क होता है।

रात को कह दो कि जरा धीरे धीरे गुजरे,
बड़ी मिन्नतो बाद आज दर्द सोया है।

दर्द से डर नहीं लगता क्यूँकि दर्द को मेरे से डर लगता है,
जब ही तो हर बार दुगुना होकर के आता है मेरे को डराने के लिए।

चाहे सो बार खफा हो तुमसे फिर भी जिंदगी सवार देता है,
जो बाप सुबह कहे निकल जा मेरे घर से वो पूरी रात तुम्हें ढूंढने में गुजार देता है।


Gulzar shayari images

जिसके लिये मैंने सारी हदें तोड़ दी,
उसी ने आज मुझसे कहा कि अपनी हद मे रह कर बात किया करो।

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तेरे अलावा कोई नहीं है ये बोल कर वो मेरी जिंदगी में आयी थी,
और तेरे जैसे बहुत है ये बोल कर जिंदगी से चली गयीं।

ज्यादा बात नहीं करते, कभी भी देख लेना आजमा के,
इन्सान को परख लेते हैं आँख में आँख मिला के।

कचरे के ढेर की भी जगह बदलती है,
हम तो फिर भी इंसान है,
समय ही तो है बदल ही जाएगा।

खंजर से मारने वाला कोई उसका अपना ही था,
उसकी लाश जो छाव में पड़ी थी।

ये क्या बात हुयीं यार अकेला तूने छोड़ा,
और धोखेबाज़ तेरा पूरा शहर लगता है।


Gulzar hindi shayari

हर जगह तेरा ही कहर है,
तू इश्क नहीं जहर है।

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मैं खुद के लिए ही अजनबी हू,
मुझे गैर कहने वाले तेरी बात में दम है।

जिंदगी जब मुश्किल समय में नाच नचाती है,
तो ढोलक बजाने वाले अपने ही जान पहचान के होते हैं।

आज याद आए उसके आखिरी बोल,
कुछ यू थे कि अगर जी सके तो जी लेना बाकी मर जाएगा तो और भी बढीया रहेगा।

एक दिन ऐसा भी आया ज़िंदगी में की,
मैंने तेरा नाम सुन कर मुस्कुराना ही छोड़ दिया।

आज मेरी कलम ने लिख दिए अल्फाज़ अधूरे,
मैं खुद भी हैरान हू इस कहानी से।


Gulzar ki shayari

सोचा था लिखूंगा तेरे और मेरे वफ़ा के किस्से,
पर यार तूने तो स्याही में ही बेवफ़ाई घोल दी।

gulzar shayari in hindi


कौन पूछता है पिंजरे में बंद पंछियों को,
याद वही आते हैं, जो उड़ जाते हैं।

जान तो वो भी लेता है जो बहुत तड़पाता,
और फिर खुद ही मरहम भी बन जाता है।

वो कहती थी कि इन सब दोस्तों के चक्कर में एक दिन मारा जाएगा,
मैंने कहा कि इन यारों के बिना जी कर भी क्या करना है।

वो जो ख्वाब था मेरे दिल में ना मैं कह सका ना मैं लिख सका,
जुबा मिली तो कटी हुयी कलम मिली तो बिकी हुयी।

सूरज के सामने कभी रात नहीं होती,
श्मशान में जाने के बाद मुलाकात नहीं होती।


Best shayari of gulzar

लोगों को देख कर मत आंका करो जनाब,
तुम्हें नहीं पता कि वो खुद के अन्दर,
कैसी जंग लड़ रहे हैं।

gulzar shayari in hindi


कुछ हार गयी तकदीर कुछ टूट गए सपने,
कुछ गैरों ने बर्बाद किया कुछ छोड़ गए अपने।

तुझको पाने की ख्वाहिश दिल मे लेकर घूम रहे है,
बस अपनी हकीकत से यूँ ही रोज मुह मोड रहे है।

मोहब्बत को बुरा क्यू कहु जब किस्मत ही मेरी खराब है,
वो जा रहे हैं तो जाने दो, मेरे पास मेरी शराब है।

तुझे पा ना सके तो सारी जिंदगी तुझे प्यार करेंगे,
जरूरी तो नहीं जिसको पाया नहीं जा सके उसे छोड़ दिया जाए


Shayari of gulzar in hindi

आसानी से टूट जाऊ, वो इंसान थोड़ी ना हू,
सब को पसंद आ जाऊ, चाय थोड़ी ना हू ।

gulzar shayari in hindi

इस शहर की चकाचौंध में,
हम वो गाँव का सुकून गवा बैठे

अफवाहों के धुएं वहीं से उड़ते हैं,
जहां तुम्हारे नाम की आग लगी हो ।

अक्सर हम तेरे प्यार के नग़मे गुनगुनाते हैं,
होंठ मुस्कुराते है जब चाय का कप उठाते हैं।

रखते थे होठों पे उंगलियां जो मरने के नाम से,
अफसोस वही लोग मेरे दिल के कातिल निकले।

होता होगा तुम्हारे यहां घड़े का पानी मीठा,
हमारे यहां आज भी इश्क़ से मीठा कुछ नहीं ।


Gulzar shayari in hindi

सुनो,
आप महज़ मिलने का हमसे बहाना तो ढूंढ लो
दुनिया की नजरों में इसे इत्तफ़ाक़ हम साबित कर देंगे...

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उसकी बेवफ़ाई की हद तो देखो,
वो मेरे से मिलने आती है किसी और की दी हुयी पायल पहन कर ।

कोई अजनबी खास हो रहा है,
लगता है फिर से मुझे प्यार हो रहा है ।

तेरी तस्वीर से भी अब मै सवाल पूछता हूं,
मत पूछ की अब किस किस से मै तेरा हाल पूछता हूँ ।

उम्र छोटी है तो क्या जिंदगी का हर मंजर देखा है,
फरेबी मुस्कुराहटे देखी है, बगल में खंजर देखा है ।

फिर तुझे कोई और गवारा कैसे हुआ,
मुझे तो नहीं हुआ तुझे ये इश्क़ दोबारा कैसे हुआ।


Gulzar shayari hindi

अपनों से ही सीखा है,
कोई अपना नहीं होता ।

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लफ्ज तो खामोश हो गए तुमसे बात करते-करते,
 अब आंसुओं को जिद है तुमसे बात करने की।

क्या बताऊं उसकी बाते कितनी मीठी है,
सामने बैठ कर फीकी चाय पीता रहता हूं।

तोड़ेंगे गुरूर इश्क़ का इस कदर सुधर जाएंगे,
खड़ी रहेगी मोहब्बत रास्ते में हम सामने से गुजर जायेंगे ।

मिजाज में थोड़ी सख्ती जरूरी है जनाब,
लोग पी जाते अगर समुंदर खारा ना होता ।

उसको भी मोहब्बत तो है मुझसे,
आज वो चाय बनाना सीख रही थी ।


Gulzar shayari images

मुश्किल होता है जवाब देना,
जब खामोश रह कर भी सवाल पूछ लेते हैं ।

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पूरे की ख़्वाहिश में ये इंसान बहुत कुछ खोता है ,
भूल जाता है की आधा चाँद भी ख़ूबसूरत होता है।

प्यार कब किसका पूरा होता है,
इसका तो पहला अक्षर ही अधूरा होता है ।

आज परेशान हू कल सुकून आएगा,
खुदा तो मेरा भी है कब तक रुलायेगा ।

वो पैरों में काला धागा नहीं पहनती साहेब..
केवल पायल पहन कर ही कहर ढाती है।

जिस दिन मोहब्बत जतानी हो उसे,
उस दिन काजल गहरा लगाती है वो ।


Gulzar hindi shayari

तरकीबे हजार लगाई उसे मनाने की ,
उसने भी कसम खायी थी नाराज रहने की ।

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भुल जाना उसे मुश्कील तो नहीं है लेकिन,
काम आसान भी हम से कहां होते है।

गुस्सा भी क्या करूँ तुम पर,
तुम हँसते हुए बेहद अच्छे लगते हो ।

ख़ुद को कितना भुला दिया मैंने,
अपने आप को भी अब अजनबी सा लगता हू ।

मोहब्बत आपनी जगह,
नफरत अपनी जगह,
मुझे दोनो है तुमसे।

छोटी सी उम्र में हमने भी एक गुनाह कर दिया,
दर्द सहने के बजाय लिखना शुरु कर दिया।


Gulzar ki shayari

तुम्हे जो याद करता हुँ, मै दुनिया भूल जाता हूँ,
तेरी चाहत में अक्सर, सभँलना भूल जाता हूँ ।

gulzar shayari in hindi

जो बीत गई,फिर वही बात हुई,
मै मिला मुझी में कहीं,ना बात हुई,
ना मुलाकात हुई... ।

तुमको ग़म के ज़ज़्बातों से उभरेगा कौन,
ग़र हम भी मुक़र गए तो तुम्हें संभालेगा कौन।

हम जैसे लोगो का अब रोना क्या मुस्कुराना क्या,
जब चाहने वाला कोई ना हो तो जीना क्या और मरना क्या।

मैं सारी बहस बस जीतने ही वाला था कि,
उसने दोनों हाथ उठा कर बाल बांधने शुरू कर दिये।



Best shayari of gulzar

खता उनकी भी नहीं यारो वो भी क्या करते,
बहुत चाहने वाले थे किस किस से वफ़ा करते।

gulzar shayari in hindi

हाथ बहुत मुलायम हैं उसके,
पर चाय बहुत कड़क बनाती है।

दूर रहना मंजूर नहीं,
साथ रहना तकदीर में नहीं ।

वो आज मेरे को जिंदा देख कर बोली,
तुमको बद्दुआ भी नहीं लगती क्या?

तुम सच में मेरी मोहब्बत हो या फिर आँखो का फरेब है,
ना तो दिल से निकलती हो, ना ही जिंदगी मे आती हो।

मुझसे तुम बस मोहब्बत कर लिया करो,
नखरे करने में वैसे भी तुम्हारा कोई जवाब नहीं ।


Shayari of gulzar in hindi

वैसे मेरा कुछ भी लिखना जायज़ है,
उम्मीद ही नहीं करता क़ोई पढे मुझे।

gulzar shayari in hindi

तजुर्बा कहता है रिश्तों में फैसला रखिए,
ज्यादा नजदीकियां अक्सर दर्द दे जाती है।

खामोशी समझदारी भी है और मजबूरी भी,
कहीं नजदीकियां बढ़ाती है और कही दूरियां।

तुम लौट कर आने की तकलीफ़ मत करना,
हम एक ही मोहब्बत दो बार नहीं किया करते ।

कुछ इस तरह नाराज है वो हमसे,
जैसे उसे किसी और ने मना लिया हो।

मोहब्बत हो गई है अकेलेपन से,
बच तो जाऊंगा ना......?


Gulzar shayari in hindi

तजुर्बा कहता है रिश्तों में फासले रखिए,
ज्यादा नजदीकियां अक्सर दर्द दे जाती है।

तमाशा करती है मेरी जिंदगी,
गजब ये है कि तालियां अपने बजाते हैं ।

मजबूरिया ओढ़ के निकलता हूं  घर से आजकल,
वरना शौक तो आज भी है बारिशों में भीगनें का।

तकिये पर अश्क़ देख कर सवाल सौ उठे,
हँसकर हमने कह दिया ख्वाबों के दाग हैं।

कुछ इस तरह खूबसूरत रिश्ते टूट जाया करते हैं,
दिल भर जाता है तो लोग रूठ जाया करते हैं।

वफा की उम्मीद ना करो उन लोगों से,
जो मिलते हैं किसी और से  होते है किसी और के।


Gulzar shayari hindi

अपने वजूद पर इतना मत इतरा ऐ जिंदगी,
वो तो मौत है जो तुझे मोहलत दिए जा रही है।

मुझे जमीर बेचना नहीं आया,
वर्ना दौलत कमाना इतना मुश्किल भी नहीं।

हम अपनों से परखे गए हैं कुछ गैरों की तरह,
हर कोई बदलता ही गया हमें शहरों की तरह।

रखकर तेरे होने पे यकीन ऐ_खुद,
हम भी मोहब्बत किसी से बेपनाह कर बैठे।

अहमियत हैसियत को मिलती है,
और हम हैं कि जज्बात लिए फिरते हैं।

सीने में जलन आंखों में तूफान सा क्यों है,
इस शहर में हर शख्स परेशान सा क्यों है।


Gulzar shayari images

खुशियाँ तकदीर में होनी चाहिए,
तस्वीर में तो हर इंसान मुस्कुराता है।

लोग कहते हैं वक़्त किसी का ग़ुलाम नहीं होता,
फिर क्यूँ थम सा जाता है ग़मों के दौर में?

मैंने तो वहां भी तुझे ही मांगा था,
जहां लोग अपनी खुशियाँ मांगा करते है।

बड़े अजीब दुनिया के मेले हैं,
दिखती तो भीड़ है,
पर चलते सब अकेले है । 

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