Akelapan Shayari | अकेलापन शायरी | Akelapan Shayari In Hindi

Akelapan Shayari: नमस्कार दोस्तों, हमेशा की तरह आज फिर से हाजिर है एक नए पोस्ट के साथ जिसका टाइटल अकेलापन शायरी  है। अक्सर जिन्दगी मे कुछ ऐसे पल आते है जब हम अपने आप को बेहद अकेला महसूस करते है। लेकीन व्यक्ति को कभी भी इस अकेलेपन को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए। हमे अपनी प्रॉब्लेम को अपने परिवार, दोस्त या फिर किसी भी खास के साथ शेयर करना चाहिए। अगर प्यार मे धोखा मिल है आपको उस समय भी आप खुद को बेहद तन्हा महसूस करते होंगे। 

अगर आप भी अकेलापन महसूस कर रहे तो इस पोस्ट की Akelapan Shayari आपको जरूर  अच्छी लगेगी और इसे आप अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करेंगे। 

अकेले महसूस करो ख़ुद को तो मुझसे बात करना,

फ़िर भी मन ना लगे तो मुझसे मुलाक़ात करना।


Akelapan Shayari - अकेलापन शायरी

अक्ल आयी थी मशवरा देने,

इश्क़ ने मुस्करा के टाल दिया।


देखना अकेले में होगी उसको हमारी क़दर

अभी तो बहुत लोग हैं उनके पास दिल लगाने के लिए।


बात करो रूठे यारों से,सन्नाटे से डर जाते हैं,

इश्क़ अकेला जी सकता है दोस्त अकेले मर जाते हैं।


Akelapan Shayari In Hindi


किसी की मोहब्बत का अकेले वारिस होना

बड़े नसीब की बात है।


Akelapan Shayari - अकेलापन शायरी

ए इश्क़, मुझे माफ़ कर,

मैं अपने घर का एक अकेला ज़िम्मेदार हूं।


जिस दिन तेरी आँखों से बेहते हुए आँसुओं को पोंछने वाला कोई नहीं होगा,

उस दिन तुझे मैंने अकेले बहाये हुए आँसुओं का एहसास ज़रूर होगा।


अकेला छोड़ दे मुझको, 

वरना  प्यार हो जाएगा तुझको।


Akelapan Zindgi Shayari


भटकते रहे हैं बादल की तरह,

सीने से लगालो आँचल की तरह,

गम के रास्ते पर ना छोड़ना अकेले,

वरना टूट जाएँगे पायल की तरह।


Akelapan Shayari - अकेलापन शायरी

वही मुझको अकेला कर गयी,

जो दुआ में मुझे माँगती थी कभी।


तमाम उलझनों के साथ रहते हैं,

 कौन कहता है, हम अकेले रहते हैं।


अकेला हो जाता हूँ तुम्हारे साथ भी,

जब तुम किसी और से बातें करती हो।


Akelapan Shayari - उनकी चाहत मे हम 


उनकी चाहत में हम कुछ इस तरह बंधे है,

की वो साथ भी नहीं और हम अकेले भी नहीं।


Akelapan Shayari - अकेलापन शायरी

तुझे क्या खबर थी की तेरी यादो ने किस-2 तरह सताया,

कभी अकेले में हसांया तो कभी महफ़िलो में रुलाया।


चले आओ इधर, कभी दो बात कर लेंगे,

जो अकेले हैं तुम भी हम साथ कर लेंगे। 


अकेला छोड़ दो मुझे या फिर मेरे हो जाओ,

मुझे अच्छा नहीं लगता कभी पाना कभी खोना।


अकेलापन शायरी - मै अकेला तो नहीं 


कोई तो होगा टूटा हुआ मेरी तरह ही जो, 

जुड़ने की ख्वाहिश लिए जी रहा होगा अकेला कही।


Akelapan Shayari - अकेलापन शायरी

मैं मुसीबत में अकेला हूँ तो यार हैरत कैसी??

हर कोई डूबती हुई क़श्ती से उतर ही जाता है।


वो चांद सी नूरानी मै सितारों सा अलबेला,

एक दूजे के बिन पूरा आसमां हैं अकेला।


Akelapan Shayari In Hindi


सहारे ढूढ़ने की आदत नही हमारी,

हम अकेले पूरी महफ़िल के बराबर है।


Akelapan Shayari - अकेलापन शायरी

एक झलक तेरी जो आंखों में बस जाती है,

एक हंसी तेरी जो दिल में उतर जाती है,

अकेले में जब भी तेरी याद आती है,

मेरे होंठों पे मुस्कुराहट चली आती है।


सुना है दिल से याद करो तो खुदा भी आ जाता है,

हमने तो तुम्हें सांसो मैं बसाया फिर भी अकेले है।


तुम मेरे साथ हो ये सच तो नहीं है लेकिन,

मैं अगर झूठ न बोलूँ तो अकेला हो जाऊँ।


Akelapan Shayari - तुम भी साथ नहीं 


चले आओ इधर कभी दो बात कर लेंगे,

जो अकेले हैं तुम भी हम साथ कर लेंगे। 


Akelapan Shayari - अकेलापन शायरी

अकेला हो गया हूँ इस ज़माने में, 

इसलिए डरता हूँ सच बताने में,

ग़म छुपाने की जरुरत अब नहीं पड़ती, 

क्यूँ माहिर हो गया हूँ मुस्कुराने में।


घर में सब है पर ये हाल है उस बुज़ुर्ग का,

जिस दिन अख़बार न आये अकेला हो जाता है ।


हमने कहा- हमें अकेला छोड़ दो,

कुछ समय के लिए कहना भूल गए,

और वो हमें हमेशा  के लिए अकेला छोड़ गए।


अकेलापन शायरी - हम अकेले है


हजारो महफिले हैं और लाखों मेले हैं,

लेकिन जहाँ तुम नही वहाँ हम बिलकुल अकेले हैं।


Akelapan Shayari - अकेलापन शायरी

मंजिल भी उसी की थी रास्ता भी उसका था, 

एक हम अकेले थे काफिला भी उसका था, 

साथ साथ चलने की कसम भी उसी की थी, 

और रास्ता बदलने का फैसला भी उसका था।


कोई नहीं होता हमेशा के लिए किसी का,

लिखा है साथ थोड़ा-थोड़ा इस दुनिया में सभी का,

मत बनाओ किसी को अपने जीने की वजह,

क्योंकि बाद में जीना पड़ता है अकेले ही ये असूल है जिन्दगी का।


Shayari On Akelapan - तुम भी दिल लगा लो 


ये वक्त गुजर रहा है तुम भी कुछ पल चुरा लो,

कब तक अकेले रहोगे मेरी मानो किसी से तुम भी दिल लगा लो।


अकेले रहना भी एक दर्द है,

किसी को पाकर खोना भी एक दर्द है,

छीन लेती है दुनिया उसी चीज को हमसे,

जिसके बिना जीना सबसे बड़ा दर्द है।


अपनी बेबसी पर आज रोना आया,

दूसरों को क्या मैंने तो अपनों को भी आजमाया,

हर दोस्त की तन्हाई हमेशा दूर की मैंने,

लेकिन खुद को हर मोड़ पर हमेशा अकेला पाया।


एक चाहत होती है जनाब अपनों के साथ जीने की  

वरना पता तो हमें भी है कि ऊपर अकेले ही जाना है।


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