Mast Shayari -मस्त शायरी - Mast Hindi Shayari

Mast Shayari: नमस्कार दोस्तों, हमेशा की तरह आपके लिए एक नया पोस्ट लेकर आए है जिसका टाइटल है -मस्त शायरी। अगर आप लोग भी शेरो शायरी के शौकीन है तो हमेशा नए नए शायरी को ढूंढते होंगे। आप सब के लिए हम कुछ न कुछ नया पोस्ट करते रहते है। आज के पोस्ट को पढ़ के आपको मजा या जाएगा और हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट के Mast Hindi Shayari को आप अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करेंगे। 


ये तकाजा ए इश्क है या मेरी आखो की मस्ती

खोलू तो दीदार तुम्हारा बंद करू तो तसब्बुर तुम्हारा।


Mast Shayari -मस्त शायरी

थोड़ी मस्ती थोड़ा सा ईमान बचा पाया हूँ, 

ये क्या कम है मैं अपनी पहचान बचा पाया हूँ, 

कुछ उम्मीदें, कुछ सपने, कुछ महकी-महकी यादें, 

जीने का मैं इतना ही सामान बचा पाया हूँ।


ये पागलपन है चाहत में या, 

मेरी आँखों की मस्ती,

खोलूँ तो दीदार तुम्हारा,

बँद करूँ तो तस्वीर तुम्हारी।


Mast Shayari In Hindi Font


मेरी मस्त निगाहों में डुब जा ऐ गालिब,

बहुत ही हसिन समुन्दर है तेरे खुदकुशी के लिए।


Mast Shayari -मस्त शायरी

इल्म कहता है किताबो का समंदर बन जा,

मुहब्बत कहती है मस्त कलंदर बन जा।


इस ज़माने में फ़ुरसत कहा अब होती हैं,

अरे जरा दिल ऐ हाल तो बया करना शुरू करो जनाब,

वक्त खुद निकल जाया करेगी।


Mast Shayari In Hindi


जिंदगी की सफ़र यहाँ आसान हैं कहाँ,

दर्द देने वाले तो है हज़ार यहाँ,

दर्द लेने वाले का कोई पता ही नहीं यहाँ।


Mast Shayari -मस्त शायरी

हमने कोशिश किया था हज़ार एक वादा उनसे लेने को,

बेखबर इस बात से की उनका हर वादा था  बस हमसे पीछा छुड़ाने को।


यू जिस्म की प्यास तो बुझाँलू पर उस सपनो का क्या,

जिसे खुली आखो से हम देखा करते हैं।


किसी के लिए इतना आसान होता हैं 

किसी को भूलाना मानो कभी मुलाकात ही नहीं हुई हो।



ऐ काश ऐसा होता कि हंसी के पीछे छुपे दर्द को समझना आसान होता,

तो शायद हर किसी के दिल में यू़ँ दर्द ना होता।


दर्द भी अक्सर वही दे जाते,

जो कभी मरहम हुआ करते थे।


Mast Shayari For Love In Hindi


दर्द तो बहुत है इस दिल में,

बस सुनने वाला कोई अपना नहीं।


Mast Shayari -मस्त शायरी

आकर चुपके से अनदेखा ऐसे कर के चले गई वह,

मानो हमारा कोई रिश्ता ही कभी ना हो।


उसको आदत थी मेरी,इसलिए ख़त्म हो गई,

हमें मुहब्बत है उनसे,इसलिए बरक़रार है।


तड़पा तो खूब लेते हो इस दिल को,

सुकून कब दोगे ज़रा यह भी बया़ कर देते,

तो तड़पना और भी अच्छा लगता।


Mast Shayari -मस्त शायरी

दर्द आँखों से निकला तो सबने बोला कायर है ये,

जब दर्द लफ़्ज़ों से निकला तो सब बोले शायर है ये।


कभी बेपनाह बरसी तो कभी गुम सी हैं,

ये बारिशें भी कुछ कुछ तुम सी हैं।


Mast Hindi Shayari


किताब ए इश्क़ में क्या कुछ दफ़्न मिला, 

मुड़े हुए पन्नों में एक भूला हुआ वादा मिला।


Mast Shayari -मस्त शायरी

दर्द से दूर जो रहते हैं बिखर जाते हैं,                                 

दर्द को झेलने वाले ही निखर पाते हैं।


तुम पुछो और मैं ना बताऊँ अभी ऐसे हालात नही,

बस एक छोटा सा दिल टुटा है,और कोई बात नहीं।


ए दिल जरा धीरे से धड़कना,

कहीं चोट ना लग जाए उसे जो इस दिल में रहता है।


Mast Shayari -मस्त शायरी

बड़ी मुस्किल से सीखा है खुश रहना उन के बगैर,

अब सुना है ये बात भी उन्हे परेशांन करती है।


फिर एक दिन ऐसा भी आया जिन्दगी में,

कि मैंने तेरा नाम सुनकर मुस्कुराना छोड़ दिया।


Mast Shayari - मस्त शायरी


न जाने किसके नसीब में लिखे होगे तुम,

मगर एक सच ये भी है कि उम्मीदवार हम भी हैं।


Mast Shayari -मस्त शायरी

जिनकी आंखें आंसू से नम नहीं,

क्या समझते हो उसे कोई गम नहीं,

तुम तड़प कर रो दिये तो क्या हुआ,

गम छुपा के हंसने वाले भी कम नहीं।


कुछ ज्यादा नहीं जानते हम मोहब्बत के बारे में.

बस उन्हें सामने देख कर मेरी तलाश खत्म हो जाती है।


तोहमते तो लगती रही रोज नई नई, हम पर,

मगर जो सबसे हसीन इलजाम था, वो तेरा नाम था।